New Hindi Poem on Indian Culture

गाय हमारीCOW बन गयी, शर्म हया अबWOW बन गयी, काढ़ा हमाराCHAI बन गया, छोरा बेचाराGUY बन गया , योग हमारा YOGA बन गया,घर का जोगी JOGA बन गया, भोजन 100 रु.PLATE बन गया,हमारा भारतGREAT बन गया.. घर की दीवारेँ WALL बन गयी,दुकानेँ SHOPING MALLबन गयीँ, गली मोहल्ला WARD बन गया,ऊपरवाला LORD बन गया, माँ हमारी … Read more