हीरे की शायरी | Hira ki Shayari
हीरे की शायरी परख अगर हीरे की करनी है तो कभी अंधेँरे मे मिलो, ऐ दोस्त,वरना धुप मे तो काँच के टुकडे भी चमकते है…… परख अगर #हीरे की #करनी है तो #कभी अंधेँरे मे #मिलो, ऐ #दोस्त, हीरा बनाया है ईश्वर ने हर किसी को…पर चमकता वही है जो तराशने की हद से गुज़रता … Read more